Saturday, March 30, 2013

World Famous पेंटिंग्स

लन्चन ऑफ वोटिंग पार्टी 
पियरे ऑगस्ट रेनों की यह पेंटिंग 19वीं सदी के उत्तरार्ध में फ्रांस के मिडल क्लास के एक परिवार के उल्लासपूर्ण क्षणें का चित्रण करती है। यह कलाकृति बहुत लोकप्रिय 

फ्रॉम लेक 
यह पेंटिंग जॉर्जिया ' केफी ने तब बनाई थी, जब वह सन् 1900 के आसपास न्यूयॉर्क के पास जॉर्ज लेक के पास रह रही थीं। यहां से उन्हें कई कलाकृतियों को बनाने की प्रेरणा मिली।

ड्रीम 
पाब्लो पिकासो की यह मशहूर पेंटिंग मॉडर्न आर्ट मूवमेंट क्यूबिज्म को प्रदर्शित करती है। इस मूवमेंट को पिकासो ने ही शुरू किया था।

केफे टेरेस एट नाइट 
यह मशहूर कलाकृति विन्सेट वॉन गॉग की रचना है। पेंटिंग में फ्रांस के अर्ल के एक केफे का चित्रण है। आज इस केफे का ना केफे वॉन गॉग है।

पर्सिस्टेंट ऑफ मेमोरी 
यह सल्वाडोर डाली की फेमस पेंटिंग है। डाली ने यह पेंटिंग 1931 में बनाई। अभी यह कलाकृति न्यूयॉर्क सिटी के म्यूज़ियम ऑफ मॉडर्न आर्ट में है।

किस
वियना के मास्टर पेंटर कहे जाने वाले गुस्ताव क्लिम्ट ने यह कलाकृति 1907 में बनाई थी। इस पेंटिंग में एक कपल सुनहरे कंबल में लिपटा चुंबनरत है। यह कृति गहरे पैशन को डिपिक्ट करती है : एक परफेक्ट किस।

Sunday, February 10, 2013

Nude paintings by Indian artists.....Part-2

पिएटा...जो माइकल एजेंलो ने बनाई थी...मरियम की गोद में यीशु...इसी से प्रेरित यह पेंटिंग बी प्रभा की है।

सतीश सिन्हा के बड़े स्केचों में से एक...नहाती औरत।

के लक्ष्मा गौड की यह पेंटिंग एकबारगी आदिवासी महिलाओं की याद दिला सकती है आपको।

रंग संयोजन के लिए विख्यात लक्ष्मण पाई की यह पेंटिंग भी डीएजी गैलरी में विराजमान है।

एम एफ हुसैन ...जो कम ही नग्न चित्र बनाते थे। शुरुआती दौर की यह पेंटिंग।
  सौ. .bhaskar.com

Nude paintings by Indian artists.....

महादेव भट्टाचार्जी की बनाई कांस्य मूर्ति। स्त्री की लज्जा को इससे बेहतर व्यक्त कर पाना शायद संभव ही नहीं।

यह पेटिंग उस समय की जब पहला टेस्ट ट्यूब बेबी आया था। चित्रकार हैं- अनुपम सूद

विकास भट्टाचार्जी की कृति जिसमें पेंटिंग एक कथा का हिस्सा भी है

जोगेन चौधरी की कृति। जोगेन चौधरी एक ही रंग से चित्र बनाने के लिए विख्यात हैं लेकिन ऐसा सूक्ष्म काम कम ही लोग कर पाते हैं।

मिथकों से प्रेरित गोगी सरोज पाल की पेंटिंग। गोगी ने कई देवी देवताओं पर चित्र बनाए हैं

अविनाश चंद्र की यह कृति परेशान कर सकती है लेकिन इसमें प्रकृति पूजा से बहुत प्रेरणा ली गई है।